किसी पुरुष द्वारा विवाहित महिला से यौन संबंध बनाना अपराध नहीं : SC
किसी पुरुष द्वारा विवाहित महिला से यौन संबंध बनाना अपराध नहीं : SC
157 साल पुराने कानून IPC 497 (व्यभिचार) की वैधता पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अपना फैसला सुना दिया. पांच जजों की संविधान पीठ ने 9 अगस्त को व्यभिचार की धारा IPC 497 पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था. इसके साथ ही आज सुप्रीम कोर्ट ने 157 साल पुराने व्यभिचार की वैधता को रद्द करते हुए कहा कि किसी पुरुष द्वारा विवाहित महिला से यौन संबंध बनाना अपराध नहीं.अगर उसमें अपराध जैसा कुछ नही हो तब . पांच जजों की संविधान पीठ ने व्यभिचार कानून को असंवैधानिक बताया. आईपीसी की धारा 497 को संविधान पीठ ने अवैध घोषित करते हुए कहा कि व्यभिचार अपराध नहीं. अगर व्यभिचार अपराध बनेगा तो इसका मतलब दुखी लोगों को सजा देना होगा. व्यभिचार के साथ अगर कोई अपराध न हो तो इसे अपराध नहीं माना जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चीन, जापान, ब्राजील में ये अपराध की श्रेणी में नहीं आता.
इस कानून सुप्रीम कोर्ट ने आश्चर्य जताते हुए कहा अगर अविवाहित पुरुष किसी विवाहित महिला के साथ सैक्स करता है तो वह व्यभिचार नहीं होता. कोर्ट ने कहा कि शादी की पवित्रता बनाए रखना पति और पत्नी दोनों की जिम्मेदारी होती है. अपना फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा विवाहित महिला अगर किसी विवाहित पुरुष से संबंध बनाती है तो सिर्फ पुरुष ही दोषी क्यों? जबकि महिला भी अपराध की जिम्मेदार है.
157 साल पुराने कानून IPC 497 (व्यभिचार) की वैधता पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अपना फैसला सुना दिया. पांच जजों की संविधान पीठ ने 9 अगस्त को व्यभिचार की धारा IPC 497 पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था. इसके साथ ही आज सुप्रीम कोर्ट ने 157 साल पुराने व्यभिचार की वैधता को रद्द करते हुए कहा कि किसी पुरुष द्वारा विवाहित महिला से यौन संबंध बनाना अपराध नहीं.अगर उसमें अपराध जैसा कुछ नही हो तब . पांच जजों की संविधान पीठ ने व्यभिचार कानून को असंवैधानिक बताया. आईपीसी की धारा 497 को संविधान पीठ ने अवैध घोषित करते हुए कहा कि व्यभिचार अपराध नहीं. अगर व्यभिचार अपराध बनेगा तो इसका मतलब दुखी लोगों को सजा देना होगा. व्यभिचार के साथ अगर कोई अपराध न हो तो इसे अपराध नहीं माना जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चीन, जापान, ब्राजील में ये अपराध की श्रेणी में नहीं आता.
इस कानून सुप्रीम कोर्ट ने आश्चर्य जताते हुए कहा अगर अविवाहित पुरुष किसी विवाहित महिला के साथ सैक्स करता है तो वह व्यभिचार नहीं होता. कोर्ट ने कहा कि शादी की पवित्रता बनाए रखना पति और पत्नी दोनों की जिम्मेदारी होती है. अपना फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा विवाहित महिला अगर किसी विवाहित पुरुष से संबंध बनाती है तो सिर्फ पुरुष ही दोषी क्यों? जबकि महिला भी अपराध की जिम्मेदार है.
केंद्र सरकार ने IPC की धारा 497 को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई के दौरान कानून का समर्थन किया है. IPC की धारा 497 का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार ने कहा कि जारता विवाह संस्थान के लिए खतरा है और परिवारों पर भी इसका असर पड़ता है.
केंद्र सरकार की तरफ से ASG पिंकी आंनद ने कहा अपने समाज में हो रहे विकास और बदलाव को लेकर कानून को देखना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि विवाहित महिला अगर किसी विवाहित पुरुष से संबंध बनाती है तो सिर्फ पुरुष ही दोषी क्यों? जबकि महिला भी अपराध की जिम्मेदार है.
केंद्र सरकार की तरफ से ASG पिंकी आंनद ने कहा अपने समाज में हो रहे विकास और बदलाव को लेकर कानून को देखना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि विवाहित महिला अगर किसी विवाहित पुरुष से संबंध बनाती है तो सिर्फ पुरुष ही दोषी क्यों? जबकि महिला भी अपराध की जिम्मेदार है.
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