मंडराने लगा बिहार में राकपा के वजूद पर खतरे का बादल....
राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के सांसद और पार्टी महासचिव तारिक अनवर के इस्तीफे के बाद बिहार में राकपा के वजूद पर खतरे ही खतरे का बादल का मंडराने लगा है. तारिक अनवर के इस्तीफे के बाद अब बिहार में कोई भी जनप्रतिनिधि राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी का नहीं रहा. तारिक अनवर की छवि पूरे सीमांचल में एक धर्मनिरपेक्ष और लोकप्रिय नेता की है. तारिक अनवर के पिता भी बिहार विधानसभा के सदस्य रह चूके थे, जबकि उनके दादा बिहार के अग्रणी स्वतंत्रता सेनानी थे.
मोदी लहर में भी कटिहार के अपने संसदीय सीट को बचाने में रहे थे सफल...
राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के टिकट पर तारिक अनवर ने वर्ष 2014 का लोकसभा का चुनाव कटिहार के संसदीय सीट से लड़े थे. उनके विरोध में भाजपा से निखिल चौधरी और जदयू से डॉ. राम प्रकाश महतो लड़े थे.
घर वापसी के कयास लगाएं जा रहे हैं
राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के सांसद और पार्टी महासचिव तारिक अनवर के इस्तीफे के बाद अब कांग्रेस में उनके घर वापसी के कयास लगाएं जा रहे हैं.ऐसा इस कारण से की तारिक अनवर कांग्रेस से चार बार सांसद रह चूके हैं. तारिक अनवर को कांग्रेस के इंदिरा गांधी,राजीव गांधी के साथ सोनिया गांधी के साथ कान करमे का मौका मिला था.
राजनीतिक जानकारों के अनुसार राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के सांसद और पार्टी महासचिव तारिक अनवर के इस्तीफे के बाद अब कांग्रेस में उनकी वापसी हो सकती है. चूकी तारिक अनवर ने अपना पहला चुनाव कांग्रेस के टिकट पर 1980 में लड़े थे.वे भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चूके हैं. तारिक अनवर ने1999 में शरद पवार के साथ सोनिया गांधी के विदेशी मूल के मुद्दे पर कांग्रेस छोड़ दिया था.
राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से चल रहे थें नाराज
बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार के राफेल पर पीएम मोदी का समर्थन करने से चल रहे थें नाराज.
राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के सांसद और पार्टी महासचिव तारिक अनवर के इस्तीफे के बाद बिहार में राकपा के वजूद पर खतरे ही खतरे का बादल का मंडराने लगा है. तारिक अनवर के इस्तीफे के बाद अब बिहार में कोई भी जनप्रतिनिधि राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी का नहीं रहा. तारिक अनवर की छवि पूरे सीमांचल में एक धर्मनिरपेक्ष और लोकप्रिय नेता की है. तारिक अनवर के पिता भी बिहार विधानसभा के सदस्य रह चूके थे, जबकि उनके दादा बिहार के अग्रणी स्वतंत्रता सेनानी थे.
मोदी लहर में भी कटिहार के अपने संसदीय सीट को बचाने में रहे थे सफल...
राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के टिकट पर तारिक अनवर ने वर्ष 2014 का लोकसभा का चुनाव कटिहार के संसदीय सीट से लड़े थे. उनके विरोध में भाजपा से निखिल चौधरी और जदयू से डॉ. राम प्रकाश महतो लड़े थे.
घर वापसी के कयास लगाएं जा रहे हैं
राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के सांसद और पार्टी महासचिव तारिक अनवर के इस्तीफे के बाद अब कांग्रेस में उनके घर वापसी के कयास लगाएं जा रहे हैं.ऐसा इस कारण से की तारिक अनवर कांग्रेस से चार बार सांसद रह चूके हैं. तारिक अनवर को कांग्रेस के इंदिरा गांधी,राजीव गांधी के साथ सोनिया गांधी के साथ कान करमे का मौका मिला था.
राजनीतिक जानकारों के अनुसार राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के सांसद और पार्टी महासचिव तारिक अनवर के इस्तीफे के बाद अब कांग्रेस में उनकी वापसी हो सकती है. चूकी तारिक अनवर ने अपना पहला चुनाव कांग्रेस के टिकट पर 1980 में लड़े थे.वे भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चूके हैं. तारिक अनवर ने1999 में शरद पवार के साथ सोनिया गांधी के विदेशी मूल के मुद्दे पर कांग्रेस छोड़ दिया था.
राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से चल रहे थें नाराज
बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार के राफेल पर पीएम मोदी का समर्थन करने से चल रहे थें नाराज.
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